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प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर पूजन किया जाता है।
वाराणसी में गंगा तट पर पूजन किया जाता है।
गया में पिंडदान पूजन फल्गु नदी के तट पर किया जाता है।
पैकेज में शामिल:-
ऑनलाइन पिंडदान पूजन
पुजारी का आरोप
पूजन सामग्री
प्रतिनिधि शुल्क
पैकेज में शामिल नहीं:-
पंडित को कोई अतिरिक्त चढ़ावा
धोती और गमछा (तौलिया)
हिन्दू धर्म में पित्र मोक्ष के लिए तीन स्थानों को सर्वश्रेष्ठ माना गया है — गया, प्रयागराज और काशी (वाराणसी)। इन तीनों तीर्थों पर पिंडदान करने से पितरों को पूर्ण मुक्ति और सद्गति प्राप्त होती है। प्रयाग पंडित्स का 3 इन 1 ऑनलाइन पिंडदान पैकेज आपको एकसाथ तीनों पवित्र स्थलों पर विधिवत पिंडदान कराने का अवसर देता है — वह भी घर बैठे वीडियो कॉल के माध्यम से। ₹35,000 के इस सम्पूर्ण पैकेज में तीनों तीर्थों के अनुभवी पंडित, सम्पूर्ण सामग्री और तीन अलग-अलग पूजा सत्र शामिल हैं।
शास्त्रों में एक सिद्धांत है — “त्रिस्थली यात्रा”। इसका अर्थ है तीन पवित्र नगरों की यात्रा जो मनुष्य को समस्त पापों से मुक्त करती है। ये तीन नगर हैं — प्रयागराज (तीर्थराज), काशी (मोक्षपुरी) और गया (पितृतीर्थ)। जब इन तीनों स्थानों पर पिंडदान किया जाता है, तो तीनों लोकों — ब्रह्म लोक, विष्णु लोक और शिव लोक — से आशीर्वाद प्राप्त होता है।
अग्नि पुराण में लिखा है: “प्रयागे माधवो देवः, काश्यां तु विश्वनाथः शिवः, गयायां गदाधरः विष्णुः — त्रिस्थल्यां मुक्तिदायिनी।” — प्रयागराज में माधव (विष्णु), काशी में विश्वनाथ (शिव), और गया में गदाधर (विष्णु) — तीनों मिलकर मुक्ति देते हैं।
इसलिए जो परिवार अपने पितरों को पूर्ण मुक्ति दिलाना चाहते हैं, उनके लिए तीनों तीर्थों पर पिंडदान करना सर्वश्रेष्ठ उपाय है। यदि स्वयं तीनों स्थानों पर जाना संभव न हो, तो हमारा 3-इन-1 पैकेज यही सुविधा घर बैठे देता है।
गया बिहार राज्य में स्थित वह पवित्र नगर है जहाँ विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के चरण-चिह्न स्थापित हैं। फल्गु नदी के तट पर किया गया पिंडदान सीधे भगवान विष्णु को अर्पित होता है, जो पितरों को बैकुंठ प्रदान करते हैं।
गरुड़ पुराण में कहा गया है: “न गयासमं तीर्थं, न गायत्र्याः परं जपम्।” — गया के समान कोई तीर्थ नहीं और गायत्री से श्रेष्ठ कोई जप नहीं। इस कथन से गया की महिमा स्पष्ट होती है।
रामायण में वर्णित है कि जब भगवान राम, सीता और लक्ष्मण गया आए थे, तब स्वयं महाराज दशरथ की आत्मा ने प्रकट होकर पिंड ग्रहण किया था। यह घटना गया के पिंडदान की अलौकिक शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
गया में पिंडदान के विशेष स्थल — फल्गु नदी घाट, विष्णुपद, अक्षयवट, रामशिला और प्रेत शिला — इन पंचतीर्थों पर पिंडदान करने से पितरों को सर्वोच्च मुक्ति मिलती है। हमारे पंडित जी इन सभी प्रमुख स्थलों पर विधिवत पूजा करते हैं।
प्रयागराज (इलाहाबाद) को “तीर्थराज” कहा जाता है — तीर्थों का राजा। यहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती (अदृश्य) का त्रिवेणी संगम होता है। ऋग्वेद में इस संगम की महिमा का वर्णन है। पद्म पुराण में कहा गया है कि प्रयाग में किया गया श्राद्ध और तर्पण अनंत काल तक पितरों को तृप्त रखता है।
संगम के तट पर किए गए पिंडदान में तीन देवियों — गंगा, यमुना और सरस्वती — का आशीर्वाद मिलता है। यह संयोग अन्यत्र कहीं नहीं मिलता। मत्स्य पुराण में लिखा है कि प्रयाग में एक पिंड देने से सौ वर्षों तक पितरों को तर्पण का फल मिलता है।
हमारी प्रयागराज टीम त्रिवेणी संगम के तट पर — दशाश्वमेध घाट के निकट — पिंडदान करती है। आप वीडियो कॉल पर स्वयं संगम की पवित्र भूमि पर अपने पितरों को पिंड अर्पित होते देख सकते हैं।
प्रयागराज के पिंडदान के बारे में और जानने के लिए पढ़ें: पिंडदान के बारे में सम्पूर्ण जानकारी।
काशी — भगवान शिव की नगरी। कहा जाता है कि काशी कभी डूबती नहीं, यह हमेशा भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी रहती है। काशी में मृत्यु को “काशीवास” कहते हैं और मान्यता है कि यहाँ जो भी मृत्यु को प्राप्त होता है, भगवान शिव स्वयं उसके कान में तारकमंत्र का उपदेश देते हैं और उसे मुक्ति प्रदान करते हैं।
मणिकर्णिका घाट — काशी का वह महाश्मशान जहाँ सदियों से अखंड चिता जलती रहती है। यहाँ पिंडदान करने से पितरों को भगवान शिव का प्रत्यक्ष आशीर्वाद मिलता है। स्कंद पुराण के काशी खंड में वर्णित है: “काशी क्षेत्रे मृतो जन्तुः, शिवेन तारितः स्वयम्।” — काशी में जो प्राणी मरता है, उसे शिव स्वयं तार देते हैं।
हमारे पंडित जी वाराणसी के मणिकर्णिका घाट या दशाश्वमेध घाट पर — जो भी उस दिन की परिस्थिति और पंचांग के अनुसार उचित हो — पिंडदान और तर्पण की विधि करते हैं।
₹35,000 के इस सम्पूर्ण पैकेज में तीनों तीर्थों की पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था शामिल है:
यह पैकेज सामान्यतः तीन अलग-अलग दिनों में पूरा होता है — प्रत्येक तीर्थ के लिए एक दिन। हालाँकि यदि आप तीनों एक ही दिन कराना चाहते हैं, तो वह भी संभव है। पंडित जी पंचांग के अनुसार उचित क्रम और तिथियाँ निर्धारित करते हैं।
प्रत्येक पूजा में आप संकल्प लेते हैं, पंडित जी मंत्रोच्चारण करते हैं और पिंड अर्पण करते हैं। तीनों पूजाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग आपको WhatsApp पर भेजी जाती है।
यह 3-इन-1 पैकेज उन परिवारों के लिए है जो:
इस पैकेज और प्रयागराज में केवल पिंडदान के बीच अंतर समझने के लिए हमसे परामर्श लें।
कुछ परिवारों में पित्र दोष इतना गहरा होता है कि एक तीर्थ पर पिंडदान से पूरी तरह निवारण नहीं होता। ऐसे मामलों में शास्त्र तीनों तीर्थों पर पिंडदान करने का निर्देश देते हैं।
विशेष रूप से जब:
ऐसे में तीनों तीर्थों पर पिंडदान — जो गया (विष्णु), प्रयागराज (ब्रह्मा) और काशी (शिव) की त्रिमूर्ति शक्ति को एक साथ सक्रिय करता है — सबसे प्रभावी उपाय है।
पिंडदान की सम्पूर्ण विधि और महत्व के बारे में विस्तार से पढ़ें: पिंडदान — सम्पूर्ण जानकारी।
सामान्यतः तीनों पूजाएँ तीन अलग-अलग दिनों में होती हैं ताकि प्रत्येक तीर्थ पर पूरी विधि से समय दिया जा सके। हालाँकि यदि आपके पास समय सीमा हो और आप एक ही दिन तीनों कराना चाहते हों, तो उसकी भी व्यवस्था संभव है — पंडित जी उचित क्रम निर्धारित करेंगे। पितृपक्ष जैसे विशेष अवसरों पर एक ही शुभ दिन में तीनों पूजाएँ कराई जा सकती हैं।
हाँ, प्रत्येक तीर्थ पर उस स्थान के स्थानीय अनुभवी पंडित पूजा करेंगे। गया में गयावाल पंडित, प्रयागराज में तीर्थ पुरोहित और वाराणसी में काशी के विद्वान पंडित। इससे प्रत्येक तीर्थ की स्थानीय परंपरा और विधि का पूरी तरह पालन होता है।
यदि आप किसी एक दिन कॉल पर नहीं आ सकते, तो हम तिथि बदल देंगे। आपकी सुविधा के अनुसार समय और तिथि निर्धारित की जाती है। यदि कोई आपात स्थिति हो, तो पंडित जी आपके नाम का संकल्प लेकर पूजा करते हैं और पूरा वीडियो भेज देते हैं।
शास्त्रों में “त्रिस्थली मुक्ति” का सिद्धांत है — तीनों पवित्र नगरों की पूजा मिलकर त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का आशीर्वाद प्रदान करती है। गया में विष्णु की कृपा से बैकुंठ का द्वार खुलता है, प्रयाग में ब्रह्मा की कृपा से समस्त पाप नष्ट होते हैं, और काशी में शिव की कृपा से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। तीनों मिलकर पितरों को पूर्ण और अंतिम मुक्ति दिलाते हैं।
नहीं, कोई छुपा शुल्क नहीं है। ₹35,000 में तीनों तीर्थों के पंडित का पारिश्रमिक, तीनों स्थानों की सम्पूर्ण पूजन सामग्री, वीडियो कॉल की व्यवस्था और तीनों पूजाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग — सब कुछ शामिल है। यात्रा, आवास या अन्य कोई अतिरिक्त खर्च आपको नहीं करना होता।
बुकिंग के समय आपको बताना होगा: (1) जिन पितरों का पिंडदान करना है उनके नाम और गोत्र, (2) मृत्यु की तिथि यदि ज्ञात हो, (3) आपका नाम, गोत्र और निवास स्थान, (4) पसंदीदा तिथि। यदि गोत्र न पता हो तो “कश्यप” या “अत्रि” गोत्र से संकल्प किया जा सकता है — पंडित जी उचित मार्गदर्शन देंगे।
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Pankaj Bajpai –
We booked Pind Daan for our late father’s shradh ceremony. The pandits were very knowledgeable and performed all rituals with proper Vedic mantras. The whole family felt at peace after the poojan. Highly recommended for anyone looking for authentic rituals.
Geeta Srivastava –
प्रयाग पंडित्स की टीम बहुत सहयोगी है। बुकिंग से लेकर पूजा तक सब कुछ सुव्यवस्थित था। पंडित जी ने मंत्रों के अर्थ भी बताए जो बहुत ज्ञानवर्धक था। Om Shanti.
Kavita Tiwari –
We are NRI family based in USA. We booked online poojan and it was conducted very sincerely. The video quality was good and we could see everything clearly. The team sent us photos and videos after the ceremony too. Jai Shri Ram.
Geeta Srivastava –
We booked this for our grandfather’s annual shradh. The ceremony was performed with great reverence. Pandit ji even shared stories from the Garuda Purana which were very enlightening for the younger generation. 🙏
Vikram Singh –
We booked Pind Daan for our late father’s shradh ceremony. The pandits were very knowledgeable and performed all rituals with proper Vedic mantras. The whole family felt at peace after the poojan. Highly recommended for anyone looking for authentic rituals. Om Shanti.
Garima Thapa –
हमने गया जी में पिंडदान करवाया। पंडित जी ने विष्णुपद मंदिर से लेकर फल्गु नदी तक सभी स्थानों पर विधि-विधान से पूजा करवाई। बहुत शांति मिली।
रोहित पांडेय –
प्रयाग पंडित्स ने बहुत अच्छी सेवा दी। Booking से लेकर पूजा तक सब smooth रहा।
दीपा मिश्रा –
पंडित जी समय पर आए, सारी सामग्री लाए और पूरी श्रद्धा से पूजा करवाई। बहुत खुश हूँ।
Priya Sharma –
Very professional service. The pandit ji explained every step of the ritual which helped us understand the significance. Everything was arranged well including the samagri. We are grateful to Prayag Pandits for making this spiritual journey meaningful. Om Shanti.
Smita Pillai –
Very professional service. The pandit ji explained every step of the ritual which helped us understand the significance. Everything was arranged well including the samagri. We are grateful to Prayag Pandits for making this spiritual journey meaningful.
Sumitra Bose –
আমার বাবার জন্য এই পূজা করিয়েছিলাম। সব কিছু ঠিকঠাক হয়েছে। পণ্ডিত জি খুব অভিজ্ঞ।
Tarun Kapoor –
हमने अपने पिता जी के श्राद्ध के लिए यह सेवा बुक की थी। पंडित जी बहुत अनुभवी थे और सभी विधि-विधान शास्त्रोक्त तरीके से करवाए। सामग्री की व्यवस्था भी उन्होंने ही की। बहुत अच्छा अनुभव रहा।
Kamla Chaturvedi –
Booked this for my mother-in-law’s teerth yatra. The arrangements were perfect from pickup to drop. The pandit performed all mantras correctly and with devotion. The poojan materials were all arranged by them. Very satisfied with the service.
Deepa Mishra –
Had a wonderful experience. The booking process was easy and the ceremony was conducted with full devotion.
Sarita Saxena –
Third time booking with Prayag Pandits. Always reliable service. The pandits are well versed in the scriptures and perform rituals with full devotion. The pricing is fair and transparent. No hidden charges.
Rohit Pandey –
My family has been using Prayag Pandits services for 3 years now. Always reliable and authentic.
Dinesh Chaturvedi –
First time performing Pind Daan and was nervous about the process. But the team guided us well. They explained what to wear, what to bring, and what mantras to recite. Everything went smoothly. Dhanyavaad.
Vikram Singh –
बहुत संतोषजनक सेवा। पंडित जी का वेद-शास्त्र का ज्ञान अद्भुत था। उन्होंने गरुड़ पुराण के श्लोकों का पाठ किया जो बहुत मार्मिक था। पूरा परिवार भावुक हो गया।