हरिद्वार में नारायण बलि पूजा कौन करे?
यह अनुष्ठान सामान्यतः उस दिवंगत व्यक्ति के निकट परिजनों द्वारा किया जाता है, जिसकी असामान्य मृत्यु हुई हो। इसमें पुत्र, पौत्र, भाई या अन्य पुरुष संबंधी हो सकते हैं। यदि पुरुष संबंधी उपलब्ध न हों या तैयार न हों, तो अन्य परिवारजन (महिलाएँ भी, हालांकि विशिष्ट भूमिकाओं में पंडित जी की सलाह के अनुसार) पूजा का संकल्प ले सकते हैं या उसमें भाग ले सकते हैं, ताकि आत्मा की शांति सुनिश्चित हो सके। इसे हरिद्वार के अनुभवी वैदिक पंडित जी के मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए।
क्या यह उपयोगी था?
व्हाट्सऐप पर अगला प्रश्न पूछें
नारायण बली कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।