नारायण बलि और नागबली में क्या अंतर है?
नारायण बलि उन पूर्वजों के लिए पैतृक मुक्ति संस्कार है जिनकी अप्राकृतिक मृत्यु हुई हो, जैसे सर्पदंश, अग्नि, डूबना या आत्महत्या। इसमें गेहूँ के आटे की प्रतिमा से प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया जाता है। नागबली कोबरा की हत्या (नाग हत्या) के पाप से मुक्ति देता है, जिसमें सर्प के लिए प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया जाता है। नारायण बलि प्रयागराज, हरिद्वार और अन्य तीर्थों में की जा सकती है। धर्म सिंधु और स्कंद पुराण के अनुसार नागबली शास्त्रीय रूप से त्र्यंबकेश्वर तक सीमित है।
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नारायण बली कराना है?
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