संन्यासी पूर्वज के लिए द्वादशी श्राद्ध की विधि क्या है?
संन्यासी पूर्वज के लिए द्वादशी श्राद्ध में विधि थोड़ी बदली हुई होती है। संकल्प में उनके गृहस्थ नाम के बजाय उनके संन्यास-नाम या आध्यात्मिक नाम का उल्लेख किया जा सकता है। पिंड दान फिर भी किया जाता है, लेकिन कुछ परंपराएँ पके चावल के स्थान पर फल या दूध आधारित अर्पण का उपयोग करती हैं। ब्राह्मण भोज भी प्रायः सरल और सात्त्विक रखा जाता है — फल, दूध से बनी मिठाइयाँ और बिना मसाले का भोजन। ऐसी विधि में अनुभवी पंडित का मार्गदर्शन आवश्यक है। Prayag Pandits के पंडित इस विशेष विधि में प्रशिक्षित हैं।
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