Key Takeaways
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मध्य प्रदेश में रहने वाले परिवार यदि पितृ पक्ष 2026 के दौरान गयाजी में पिंडदान करवाना चाहते हैं, लेकिन यात्रा नहीं कर सकते, तो वे निश्चित तिथि वाले ऑनलाइन ग्रुप पिंडदान विकल्प पर विचार कर सकते हैं। इसमें परिवार गयाजी नहीं जाता और पूजा में लाइव शामिल नहीं होता। पंडित एवं प्रतिनिधि परिवार की ओर से गयाजी में विधि सम्पन्न करते हैं और पूजा की पूरी रिकॉर्डिंग 72 घंटे के भीतर भेजी जाती है।
सबसे जरूरी बात: “ग्रुप” का अर्थ यह नहीं है कि सभी परिवारों का एक ही संकल्प होगा। हर बुकिंग के लिए अलग पारिवारिक संकल्प लिया जाता है। एक बुकिंग में एक परिवार और अधिकतम पाँच पितरों के नाम शामिल किए जा सकते हैं।
मध्य प्रदेश के लिए पितृ पक्ष 2026 की मुख्य तिथियाँ
भोपाल के स्थानीय पंचांग के अनुसार 2026 में नवमी श्राद्ध 4 अक्टूबर, एकादशी श्राद्ध 6 अक्टूबर और सर्व पितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर तथा गयाजी सभी भारतीय मानक समय का पालन करते हैं, इसलिए समय-क्षेत्र का कोई अंतर नहीं है। फिर भी पूजा गयाजी के स्थानीय आयोजन के अनुसार सम्पन्न होगी; नीचे दिए भोपाल के मुहूर्त घर पर स्मरण, तर्पण या पारिवारिक तैयारी के संदर्भ के लिए हैं।
| तिथि | दिनांक | भोपाल का स्थानीय श्राद्ध काल | गया ग्रुप बुकिंग का कुल शुल्क |
|---|---|---|---|
| नवमी / मातृ नवमी | रविवार, 4 अक्टूबर 2026 | कुतुप 11:45–12:33; अपराह्न 13:20–15:43 | ₹998.55 GST सहित |
| एकादशी / ग्यारस श्राद्ध | मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 | कुतुप 11:45–12:32; अपराह्न 13:19–15:41 | ₹788.55 GST सहित |
| सर्व पितृ अमावस्या | शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 | कुतुप 11:44–12:31; अपराह्न 13:18–15:38 | ₹1,155 GST सहित |
स्थानीय तिथि संदर्भ: भोपाल के लिए 2026 पितृ पक्ष पंचांग। शुल्क 21 अगस्त 2026 को जाँचे गए हैं; बुकिंग पेज पर दिखाई देने वाला वर्तमान कुल ही अंतिम माना जाए।
कौन-सी तिथि किसके लिए चुनें?
4 अक्टूबर: नवमी या मातृ नवमी
मातृ नवमी विशेष रूप से दिवंगत माता, दादी, नानी, बहन तथा अन्य महिला पितरों के स्मरण से जुड़ी मानी जाती है। यदि किसी पूर्वज की मृत्यु तिथि नवमी थी, तब भी यह तिथि सम्बंधित हो सकती है। केवल अनुमान के आधार पर तिथि न चुनें; परिवार में उपलब्ध जानकारी या कुल पुरोहित की सलाह लें।
नवमी ग्रुप पिंडदान का विवरण और उपलब्धता देखें।
6 अक्टूबर: एकादशी या ग्यारस श्राद्ध
यदि दिवंगत पूर्वज की मृत्यु की चंद्र तिथि एकादशी थी, तो पितृ पक्ष की एकादशी सम्बंधित श्राद्ध तिथि है। कई परिवार केवल अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख जानते हैं, चंद्र तिथि नहीं। ऐसी स्थिति में किसी विश्वसनीय पंचांग या पुरोहित से पुष्टि करना उचित है।
एकादशी ग्रुप पिंडदान का विवरण और उपलब्धता देखें।
10 अक्टूबर: सर्व पितृ अमावस्या
जब पूर्वज की सही मृत्यु तिथि ज्ञात न हो, परिवार तिथि भूल गया हो, या निर्धारित तिथि पर श्राद्ध न हो पाया हो, तब सर्व पितृ अमावस्या व्यापक रूप से चुनी जाती है। यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन है और ज्ञात-अज्ञात पितरों के सामूहिक स्मरण से जुड़ा है।
सर्व पितृ अमावस्या ग्रुप पिंडदान का विवरण देखें।
मध्य प्रदेश से बुकिंग कैसे होगी?
- उचित तिथि चुनें: नवमी, एकादशी और अमावस्या का उद्देश्य समझकर चुनाव करें।
- कुल शुल्क देखें: चयनित कार्ड पर 5% GST सहित सटीक कुल दिखाया जाता है।
- कर्ता की जानकारी दें: पूरा नाम, सही WhatsApp नंबर और ईमेल भरें।
- गोत्र और पितरों के नाम भरें: जो जानकारी ज्ञात है वही लिखें; अनुमान से गोत्र न बनाएँ।
- रिश्ता स्पष्ट लिखें: जैसे पिता, माता, दादा, दादी या अन्य सम्बन्ध।
- चेकआउट पूरा करें: जमा की गई जानकारी बुकिंग और संकल्प समन्वय में उपयोग होगी।
- पूजा रिकॉर्डिंग प्राप्त करें: गयाजी में पूजा सम्पन्न होने के बाद रिकॉर्डिंग 72 घंटे के भीतर भेजी जाती है।
क्या परिवार को पूजा के समय ऑनलाइन जुड़ना होगा?
नहीं। यह लाइव वीडियो कॉल या Zoom पर सहभागिता वाला पैकेज नहीं है। परिवार मध्य प्रदेश में रहता है और पंडित एवं प्रतिनिधि गयाजी में परिवार की ओर से पूजा करते हैं। बाद में पूरी रिकॉर्डिंग भेजी जाती है। यदि परिवार को निजी पूजा या लाइव सहभागिता चाहिए, तो ग्रुप पैकेज बुक करने से पहले अलग व्यवस्था के बारे में पूछना चाहिए।
इंदौर, भोपाल और जबलपुर परिवारों के लिए इसका लाभ
इन शहरों से गयाजी की यात्रा में टिकट, ठहरने, स्थानीय वाहन और कई दिनों की योजना शामिल हो सकती है। वृद्ध सदस्य, स्वास्थ्य संबंधी कठिनाई, नौकरी या बच्चों की पढ़ाई के कारण हर परिवार पितृ पक्ष में यात्रा नहीं कर सकता। निश्चित तिथि वाला ग्रुप विकल्प ऐसे परिवारों के लिए है जिन्होंने गयाजी चुना है, पर स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते।
यह सेवा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सतना, सागर, छिंदवाड़ा, मुरैना, इटारसी और मध्य प्रदेश के अन्य स्थानों से भी वही ऑनलाइन प्रक्रिया उपयोग की जा सकती है।
बुकिंग से पहले कौन-सी जानकारी तैयार रखें?
- कर्ता का पूरा नाम
- सक्रिय WhatsApp नंबर और ईमेल
- परिवार का गोत्र, यदि ज्ञात हो
- प्रत्येक पितर का पूरा नाम
- कर्ता से उनका संबंध
- मृत्यु तिथि या चंद्र तिथि, यदि उपलब्ध हो
- परिवार की सहमति कि किस तिथि पर संकल्प करवाना है
एक बुकिंग में एक परिवार और अधिकतम पाँच पितरों के नाम लिए जा सकते हैं। अलग परिवार या अलग कर्ता के लिए अलग बुकिंग की आवश्यकता हो सकती है।
गया या उज्जैन—मध्य प्रदेश परिवार क्या चुने?
उज्जैन मध्य प्रदेश के परिवारों के लिए निकट है और महाकालेश्वर तथा क्षिप्रा से जुड़ा महत्वपूर्ण तीर्थ है। वहाँ की सूचीबद्ध पिंडदान सेवा में परिवार यात्रा करके स्वयं उपस्थित होता है। गयाजी का ग्रुप विकल्प अलग है: यह उन परिवारों के लिए है जो विशेष रूप से गयाजी में कर्म करवाना चाहते हैं लेकिन यात्रा या उपस्थिति सम्भव नहीं है।
दोनों सेवाओं की धार्मिक पृष्ठभूमि, भागीदारी और शुल्क अलग हैं। निष्पक्ष तुलना के लिए मध्य प्रदेश परिवारों के लिए गया बनाम उज्जैन पिंडदान मार्गदर्शिका पढ़ें। अपने कुल की परंपरा के विषय में अंतिम निर्णय परिवार के पुरोहित की सलाह से लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या एक ही बुकिंग में पूरे कुल के सभी नाम जोड़े जा सकते हैं?
इस पैकेज में एक परिवार और अधिकतम पाँच पितरों के नाम शामिल किए जा सकते हैं। अधिक नाम या अलग पारिवारिक संकल्प की आवश्यकता हो तो बुकिंग से पहले टीम से बात करें।
गोत्र पता न हो तो क्या करें?
अनुमान से गोत्र न भरें। परिवार के वरिष्ठ सदस्य या कुल पुरोहित से पूछें। फिर भी जानकारी न मिले तो चेकआउट से पहले Prayag Pandits से मार्गदर्शन लें।
क्या पूजा की लाइव वीडियो कॉल होगी?
नहीं। यह performed-on-behalf ग्रुप सेवा है। रिकॉर्डिंग पूजा सम्पन्न होने के बाद 72 घंटे के भीतर भेजी जाती है।
क्या GST बाद में अलग से जुड़ेगा?
तिथि कार्ड पर दिखाया गया कुल 5% GST सहित है। भुगतान से पहले चेकआउट पर अंतिम राशि दोबारा जाँचें।
अंग्रेजी में पूरी बुकिंग प्रक्रिया कहाँ पढ़ें?
Gaya Pind Daan from Madhya Pradesh: Online Group Booking Guide 2026 में चरण-दर-चरण प्रक्रिया, तैयारी और पैकेज का अंतर समझाया गया है।
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