काल सर्प पूजा किसे करनी चाहिए?
यह पूजा उन सभी के लिए अनुशंसित है जिनकी जन्म कुंडली में सातों ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित हों — इस स्थिति को काल सर्प दोष कहते हैं। इसके सामान्य लक्षणों में लगातार करियर में बाधाएँ, आर्थिक अस्थिरता, विवाह में देरी, स्वास्थ्य समस्याएँ, या बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार पारिवारिक कलह शामिल हैं। किसी अनुभवी ज्योतिषी से पहले अपनी कुंडली में इस दोष की पुष्टि करवाएँ, क्योंकि राहु-केतु अक्ष की स्थिति के आधार पर इसके 12 भिन्न प्रकार होते हैं। यह पूजा एकल व्यक्ति और दम्पती — दोनों मिलकर भी कर सकते हैं।
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