क्या एक ही अनुष्ठान में एक से अधिक व्यक्तियों की अस्थियाँ विसर्जित की जा सकती हैं?
आमतौर पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए अस्थि विसर्जन अलग-अलग करना चाहिए, और उनके नाम तथा गोत्र का उल्लेख करते हुए अलग संकल्प लेना चाहिए। इससे प्रार्थनाएँ और पुण्य हर आत्मा के लिए अलग से समर्पित रहते हैं।
लेकिन यदि परिस्थितियाँ ऐसी हों कि दोनों माता-पिता की अस्थियाँ साथ हों, या यात्रा और व्यवस्था की बाधाएँ हों, तो जानकार पंडित आपको उसी यात्रा में विसर्जन की विधि समझा सकते हैं; संभव है कि प्रक्रिया थोड़ी बदली जाए या एक ही सत्र में अलग-अलग संकल्प लिए जाएँ। ऐसी विशेष स्थिति से पहले कार्य कराने वाले पंडित से सलाह लेना सबसे अच्छा है।
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अस्थि विसर्जन कराना है?
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