अस्थि विसर्जन के दौरान कौन से मंत्र बोले जाते हैं?
हिन्दू शास्त्र अस्थि विसर्जन के प्रत्येक चरण के लिए विशिष्ट मंत्र बताते हैं। जलाशय पर पहुँचकर कर्ता को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके **”Namo Astu Dharmaya”** (धर्म को प्रणाम) बोलना चाहिए। फिर जल में प्रवेश करते हुए और कलश विसर्जित करते समय कर्ता **”Sa me Prito Bhavatu”** (वे मुझसे प्रसन्न हों) बोलता है। जल से बाहर आने के बाद कर्ता सूर्य की ओर देखता है और ब्राह्मणों को दक्षिणा देता है। संकल्प, आह्वान और विसर्जन के विशिष्ट संस्कृत मंत्र शाखा परंपराओं (शुक्ल यजुर्वेद, कृष्ण यजुर्वेद, ऋग्वेद आदि) के अनुसार थोड़ा बदलते हैं, और हमारे पंडित जी आपके परिवार की परंपरा के अनुसार सही मंत्रों का उपयोग करते हैं। यदि आपका गोत्र या शाखा ज्ञात न हो, तो सर्वमान्य कश्यप गोत्र और यजुर्वेद मंत्रों का उपयोग किया जाता है।
अस्थि विसर्जन कराना है?
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