अस्थि विसर्जन के दौरान कौन से मंत्र बोले जाते हैं और क्या कहना चाहिए?
शास्त्र अस्थि विसर्जन के प्रत्येक चरण के लिए विशिष्ट संस्कृत मंत्र बताते हैं। नदी पर पहुँचने पर कर्ता दक्षिण दिशा की ओर मुख करके “Namo Astu Dharmaya” (धर्म को नमस्कार) का उच्चारण करता है। जल में प्रवेश करते और कलश विसर्जित करते समय कर्ता “Sa me Prito Bhavatu” (वे मुझसे प्रसन्न हों) कहता है। बाहर आने के बाद कर्ता सूर्य की ओर देखता है और विधि कराने वाले ब्राह्मणों को दक्षिणा देता है। इसके अतिरिक्त, पितरों का आह्वान करने के लिए पितृ सूक्त (ऋग्वेद 10.15) पढ़ा जाता है, और आत्मा की शांतिपूर्ण यात्रा के लिए भगवान यम को समर्पित गायत्री मंत्र जपा जाता है। हमारे वैदिक पंडित आपके परिवार की परंपरा के अनुसार सही शाखा-विशिष्ट मंत्रों (शुक्ल यजुर्वेद, कृष्ण यजुर्वेद, ऋग्वेद) का उपयोग करते हैं।
अस्थि विसर्जन कराना है?
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