परिवार में पितृ दोष के मुख्य संकेत क्या हैं?
ब्रह्म पुराण चार मुख्य संकेत बताता है: पुत्र जन्म न होना या पुत्रों का जीवित न रहना; परिवार का कोई सदस्य लंबे समय तक रोगमुक्त न रहना; पीढ़ियों में आयु का कम होना; और संसाधन होने पर भी परिवार का लगातार सुख से वंचित रहना। दैनिक अनुभव में संकेतों में बार-बार गर्भपात, विवाह में ऐसी देरी जो अस्पष्ट कारणों से टूटती रहे, आर्थिक हानियों की श्रृंखला, परिवार के सदस्यों में घूमती गंभीर बीमारी, और स्वप्नों में पूर्वजों का कष्ट में दिखना शामिल हैं।
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