गया में अस्थि विसर्जन का सबसे अच्छा समय कब है?
गया में अस्थि विसर्जन वर्ष भर किया जा सकता है। फिर भी कुछ कालखंडों का महत्व अधिक माना जाता है:
पितृपक्ष (सितंबर–अक्टूबर) — गया में सभी पितृ विधियों के लिए यह सर्वोच्च 16-दिवसीय अवधि है। पितृपक्ष के दौरान लाखों तीर्थयात्री फल्गु नदी और विष्णुपद मंदिर में एकत्र होते हैं। मानसून से जुड़ी इस अवधि में फल्गु में प्रायः सतही जल दिखाई देता है, और गया क्षेत्र की आध्यात्मिक ऊर्जा अपने चरम पर मानी जाती है। 2026 में पितृपक्ष 7 से 21 सितंबर तक रहेगा।
मानसून (जुलाई–सितंबर) — फल्गु में सतही जल सबसे अधिक दिखाई देता है, जिससे वास्तविक विसर्जन का अनुभव अधिक स्पष्ट होता है। मौसम गरम और आर्द्र रहता है।
अक्टूबर–मार्च — यात्रा के लिए आरामदायक मौसम। फल्गु सतह पर सूखी दिख सकती है, पर विधियां रेतीले तट पर गंगाजल लाकर कराई जाती हैं।
अमावस्या के दिन — वर्ष भर की अमावस्या तिथियां गया में पितृ अर्पण के लिए प्रभावशाली मानी जाती हैं।
पितृपक्ष के लिए पहले से बुकिंग करें — इस समय योग्य गयावाल ब्राह्मणों की मांग बहुत अधिक रहती है।
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