सिद्धवट क्या है और उज्जैन में पितृ विधियों के लिए क्यों पवित्र है?
सिद्धवट उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर स्थित एक प्राचीन अमर वटवृक्ष है। हिंदू परंपरा में यह तीन पवित्र अमर वृक्षों में से एक माना जाता है — अन्य दो हैं प्रयागराज का अक्षयवट और वृंदावन का वंशीवट।
स्कन्द पुराण और स्थानीय परंपरा के अनुसार, भगवान राम ने सिद्धवट वृक्ष के नीचे अपने पिता राजा दशरथ के लिए पितृ तर्पण किया था। उस घटना के बाद से सिद्धवट को श्राद्ध, पिंड दान और अस्थि विसर्जन के लिए भारत के सबसे पवित्र स्थलों में गिना जाता है। सिद्धवट में पितृ विधि करने का फल प्रयागराज के अक्षयवट में विधि करने के समान माना गया है।
यह वृक्ष शिप्रा तट पर बने मंदिर-परिसर के भीतर स्थित है, जहाँ अस्थि विसर्जन विधि के लिए समर्पित वेदियां हैं। स्थानीय तीर्थ पुरोहित वर्ष भर यहाँ पितृ विधियां कराते हैं, विशेष गतिविधि पितृपक्ष और सिंहस्थ वर्षों में रहती है।
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