त्रिवेणी संगम पर दशमी श्राद्ध की विधि क्या है?
त्रिवेणी संगम, प्रयागराज में दशमी श्राद्ध विधि गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तक पवित्र नाव यात्रा से शुरू होती है। कर्ता संगम बिंदु पर स्नान करता है, फिर संकल्प लिया जाता है, जिसमें पूर्वज का नाम लेकर विधि का उद्देश्य घोषित होता है। इसके बाद तर्पण होता है — वैदिक मंत्रों के साथ काला तिल, कुशा के अग्रभाग और जौ मिले जल का अर्पण। फिर पिंड दान किया जाता है — दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तीन चावल-पिंड अर्पित किए जाते हैं। अंत में घाट पर ब्राह्मण भोज की व्यवस्था होती है। पूरी विधि में 2-3 घंटे लगते हैं।
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