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Daan & Charity

पिंड दान, तर्पण और श्राद्ध से पहले स्नान अनिवार्य क्यों है?

उत्तर दिया Prakhar Porwal ·

किसी भी पितृ कर्म से पहले कर्ता को स्नान के माध्यम से स्वयं को शुद्ध करना चाहिए — आदर्शतः पवित्र नदी में, या कम से कम घर पर गंगाजल से। शास्त्र कहते हैं कि पिंड दान, तर्पण या श्राद्ध की आध्यात्मिक प्रभावशीलता कर्ता की शुद्धता के अनुपात में होती है। अशुद्ध कर्ता द्वारा दिए गए अर्पण अपूर्ण माने जाते हैं और पितरों तक नहीं पहुँच सकते। अनुष्ठान क्रम कठोर है: (1) भोर से पहले उठना, (2) गंगा स्नान या उसके समकक्ष पवित्र स्नान, (3) संध्यावंदन (दैनिक प्रार्थना), (4) गोत्र-आवाहन, (5) संकल्प, (6) वास्तविक पिंड दान या तर्पण। प्रयागराज, वाराणसी और हरिद्वार में हमारे पंडित जी पितृ-अर्पण शुरू करने से पहले पवित्र घाटों पर परिवारों को पूर्ण पूर्व-अनुष्ठान स्नान विधि में मार्गदर्शन देते हैं।

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