क्या महिलाएँ पितृ दोष के लिए अनुष्ठान कर सकती हैं?
परंपरागत रूप से, पितृ दोष की मुख्य जिम्मेदारी पुरुष वंशजों पर मानी जाती है। लेकिन पुरुषों के अभाव में या आधुनिक व्याख्याओं में, महिलाएँ, विशेषकर पुत्रियाँ और पत्नियाँ, अनुष्ठान कर सकती हैं या उनमें भाग ले सकती हैं, खासकर तर्पण या दान के रूप में। श्रद्धा और निष्ठा सबसे महत्वपूर्ण हैं।
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