नारायण नागबली पूजा के बाद कौन से नियम होते हैं?
नारायण बलि के बाद परिवार को एकादशाह (11th-day) श्राद्ध और सपिण्डीकरण संस्कार करने होते हैं। अकाल या अप्राकृतिक मृत्यु का दोष हट जाता है, जिससे आत्मा आगे नियमित श्राद्ध अर्पण प्राप्त कर सकती है।
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नारायण बली कराना है?
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