गढ़ मुक्तेश्वर में तर्पण में क्या शामिल होता है और कितना समय लगता है?
तर्पण दिवंगत पूर्वजों की आत्माओं की तृप्ति के लिए काले तिल, कुशा और कभी-कभी जौ मिले जल का अर्पण है। गढ़ मुक्तेश्वर में हमारे पंडित जी के मार्गदर्शन में विधि में ये अंग शामिल होते हैं:
गंगा स्नान — गंगा में शुद्धि-स्नान। संकल्प — पूर्वजों के नाम का औपचारिक व्रत-वचन (पिता की ओर की तीन पीढ़ियाँ)। तर्पण अर्पण — दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितृ तीर्थ, अर्थात अंगूठे और तर्जनी के बीच की जगह, से तिल-मिश्रित जल अर्पित करना। देव और ऋषि तर्पण — देवताओं और ऋषियों को अतिरिक्त अर्पण। समापन प्रार्थना — पितृ शांति और परिवार के आशीर्वाद के लिए।
अवधि: शामिल किए गए पूर्वजों की संख्या के अनुसार 45 मिनट से 1.5 घंटे। व्यापक पितृ विधि के लिए तर्पण को पिंड दान के साथ भी किया जा सकता है।
तर्पण कराना है?
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