वाराणसी में होने वाली नारायण बलि में गंगा नदी की क्या भूमिका है?
पिशाच मोचन कुंड जहाँ विशिष्ट प्रेत मुक्ति पक्ष का केंद्र है, वहीं गंगा नदी मूल रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहती है। विधि से पहले गंगा में शुद्धि-स्नान करना सामान्य है। कर्म के कुछ भाग, जैसे तर्पण (जल अर्पण) या समापन कर्म, गंगा घाटों पर किए जा सकते हैं, क्योंकि नदी की महान शुद्धिकारी शक्ति और मुक्ति से उसका संबंध माना जाता है।
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नारायण बली कराना है?
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