वाराणसी में नारायण बलि के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व क्या है?
पिशाच मोचन कुंड वाराणसी में नारायण बलि और त्रिपिंडी श्राद्ध जैसे संबंधित कर्मों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके नाम का शाब्दिक अर्थ है, वह कुंड जहाँ भूत-पिशाच या आत्माएँ मुक्त होती हैं। कथाएँ, जिन्हें स्कन्द पुराण के काशी खण्ड से जोड़ा जाता है, इसे भगवान शिव, कपर्दीश्वर महादेव, की कृपा से एक पिशाच की मुक्ति से जोड़ती हैं। काशी में यह वह विशेष स्थान माना जाता है जहाँ अकाल मृत्यु, गहरी आसक्ति या उचित अंतिम संस्कार के अभाव से फँसी आत्माओं को मुक्त करने के कर्म विशेष शक्ति से किए जाते हैं। कई लोग मानते हैं कि यहाँ किए गए ऐसे कर्म आत्माओं को प्रेत/पिशाच-योनि से मुक्त करने के लिए आवश्यक हैं।
नारायण बली कराना है?
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