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All Narayan Bali

गया में नारायण बलि के साथ और कौन-से कर्म किए जाते हैं?

उत्तर दिया Swayam Kesarwani ·

त्रिपिंडी श्राद्ध: यह अक्सर नारायण बलि के साथ या उसके निकट किया जाता है, विशेषकर जब लंबे समय से पितृ-कर्म न हुए हों या पूर्वज भोजन, वस्त्र, धन जैसी गहरी आसक्तियों के कारण कष्ट में माने जाते हों।

नाग बलि: कभी-कभी इसे नारायण नागबली के रूप में जोड़ा जाता है। यह विशेष रूप से सर्प, खासकर नाग, की हत्या के पाप से जुड़ा माना जाता है, जो पितृ दोष का कारण भी बन सकता है। हालांकि कुछ स्रोत बताते हैं कि नाग बलि मुख्यतः त्र्यंबकेश्वर में की जाती है। यदि इसकी आवश्यकता या सुविधा है, तो गया के पंडित जी से स्पष्ट कर लें।

सामान्य पिंड दान: गया के विभिन्न महत्वपूर्ण वेदियों और स्थानों, जैसे विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी और अक्षयवट, पर अर्पण।

नारायण बली कराना है?

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