बरसी, यानी पहली मृत्यु वार्षिकी, पर क्या करना चाहिए?
बरसी (आब्दिक श्राद्ध) में ये अंग आवश्यक होते हैं: (1) 12वें महीने में क्षय तिथि, अर्थात चंद्र मृत्यु वार्षिकी, पर मुख्य शोककर्ता द्वारा संकल्प; (2) पंच बलि — गाय, कुत्ते, कौवे, देवताओं और चींटियों को पाँच भोजन अर्पण; (3) दिवंगत और पिछली दो पीढ़ियों के लिए एकोद्दिष्ट पिंड दान; (4) यदि पहले न हुआ हो तो सपिण्डीकरण — वह विधि जो आत्मा को प्रेत स्थिति से पितृगण तक उठाती है; (5) जल और काले तिल से तर्पण; और (6) ब्राह्मण भोज — विषम संख्या में ब्राह्मणों को सात्त्विक भोजन कराना। वस्त्र, बर्तन, छाता और बिस्तर के रूप में दान भी बताया गया है। यह विधि घर पर पंडित जी के साथ या अधिक पुण्य के लिए प्रयागराज, गया या हरिद्वार जैसे तीर्थ में की जाती है।
क्या यह उपयोगी था?
व्हाट्सऐप पर अगला प्रश्न पूछें