अष्टमी श्राद्ध में कौओं को महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
हिंदू परंपरा में कौओं को पितृ लोक, अर्थात पूर्वजों के लोक, का दूत माना जाता है। अष्टमी सहित किसी भी श्राद्ध दिन ब्राह्मण भोज से पहले भोजन पहले कौओं को अर्पित किया जाता है। यदि कौआ आकर अर्पण खा ले, तो इसे संकेत माना जाता है कि पितृगण ने श्राद्ध स्वीकार कर लिया है। गरुड़ पुराण और वायु पुराण कौओं को जीवितों की दुनिया और दिवंगतों के बीच वाहक बताते हैं। कौओं को भोजन अर्पित करने की यह विधि, जिसे काक बलि कहा जाता है, हर पितृपक्ष श्राद्ध का अभिन्न अंग है।
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