क्या पितृ दोष और काल सर्प दोष एक ही हैं?
नहीं, ये अलग-अलग ज्योतिषीय दोष हैं, हालांकि दोनों में राहु और केतु शामिल होते हैं। पितृ दोष विशेष रूप से पूर्वजों के कर्म और सूर्य-चंद्रमा जैसे प्रकाशकों या नवम भाव पर बने दोषों से जुड़ा माना जाता है, जबकि काल सर्प दोष तब होता है जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच घिरे हों। कभी-कभी दोनों दोष कुंडली में एक साथ भी हो सकते हैं।
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