पितृ दोष से जुड़े पूर्वजों के कर्मों का प्रभाव वंशजों पर क्यों पड़ता है?
हिंदू धर्म की कर्म-दृष्टि में परिवार की वंश-रेखा एक साझा कर्म वहन करती है। वंशज न केवल आनुवंशिक गुण और संपत्ति पाते हैं, बल्कि अपने पूर्वजों के कर्मों के सकारात्मक और नकारात्मक परिणाम भी उत्तराधिकार में ग्रहण करते हैं। पितृ दोष के उपाय करना वंश के प्रति अपना कर्तव्य निभाना और इन विरासत में मिले ऋणों को शुद्ध करना माना जाता है।
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