घाट या नदी में अस्थि विसर्जन करते समय कौन-सी सुरक्षा सावधानियाँ रखें?
भक्ति के बीच सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है:
- घाट की सीढ़ियाँ: घाट की सीढ़ियों पर बहुत सावधान रहें। वे खड़ी, असमान और फिसलनभरी हो सकती हैं, खासकर बारिश के दौरान या बाद में, या पानी के किनारे के पास। रेलिंग हो तो उसे पकड़ें, या सहायता लें।
- नदी की धाराएँ: माँ गंगा की धाराएँ किनारों के पास भी तेज हो सकती हैं। जब तक आप मजबूत तैराक न हों और स्थितियों से परिचित न हों, पानी में गहराई तक न जाएँ। स्नान के लिए उथले हिस्सों में रहें या प्रमुख घाटों पर लगी सुरक्षा शृंखलाओं का उपयोग करें।
- नाव सुरक्षा: बीच धारा में विसर्जन के लिए नाव लें तो सुनिश्चित करें कि उसमें जरूरत से अधिक लोग न हों और नाविक के निर्देशों का पालन करें। लाइफ जैकेट उपलब्ध हों या सलाह के योग्य हों, खासकर बच्चों और गैर-तैराकों के लिए।
- भीड़: अपने आसपास और सामान पर ध्यान रखें, खासकर दशाश्वमेध या मणिकर्णिका जैसे भीड़भाड़ वाले घाटों पर।
- स्वास्थ्य: खासकर गर्मियों में पानी पीते रहें। स्वच्छता के प्रति सावधान रहें।
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