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Pitrupaksha

सर्व पितृ अमावस्या पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?

उत्तर दिया Prakhar Porwal ·

करें: (1) जल्दी उठें और गंगा, यमुना या किसी भी बहते जल में स्नान करें, (2) सूर्योदय से पहले या अपराह्न काल में पितरों को तिल मिले जल से तर्पण दें, (3) किसी पवित्र तीर्थ या घर पर पिंड दान और श्राद्ध करें, (4) ब्राह्मणों को भोजन कराएँ (ब्राह्मण भोज) और जरूरतमंदों को दान दें, (5) कौओं, कुत्तों और गायों को भोजन अर्पित करें, जिन्हें यमराज के दूत माना जाता है, (6) घी का दीपक जलाएँ और ऋग्वेद का पितृ सूक्त जपें। न करें: (1) मांसाहार, प्याज और लहसुन से बचें, (2) नए काम, खरीदारी या उत्सव शुरू न करें, (3) श्राद्ध पूरा होने से पहले भोजन करने से बचें, (4) इस दिन को अनदेखा न करें — जिन पितरों का श्राद्ध नहीं हुआ, वे निराश माने जाते हैं और पितृ दोष का कारण बन सकते हैं।

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