पूर्वजों के नाम या मृत्यु तिथियाँ न पता हों तो क्या करें?
इस स्थिति का समाधान परंपरा में पितृपक्ष के अंतिम दिन सर्व पितृ अमावस्या (2026 में October 10) के माध्यम से किया गया है। इस दिन के कर्म सभी पूर्वजों को समर्पित होते हैं, उन पूर्वजों को भी जिनके नाम और तिथियाँ ज्ञात नहीं हैं। संकल्प सूत्र में एक सार्वभौमिक आवाहन होता है, जो आपके रक्तवंश से जुड़ी सभी आत्माओं को संबोधित करता है, चाहे उनके विशिष्ट विवरण आपको ज्ञात हों या नहीं। योग्य पंडित इसमें प्रभावी रूप से आपका मार्गदर्शन करेंगे।
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