सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध के लिए प्रयागराज विशेष रूप से महत्वपूर्ण क्यों है?
सर्व पितृ अमावस्या के लिए प्रयागराज विशेष रूप से उपयुक्त है, क्योंकि यहाँ त्रिवेणी संगम है — गंगा, यमुना और रहस्यमयी सरस्वती का संगम। शास्त्र कहते हैं कि संगम पर किया गया अर्पण एक नदी पर किए गए अर्पण से सात गुना पुण्य देता है। साथ ही, प्रयागराज उन कुछ तीर्थों में है जहाँ पितृ सूक्त मंत्र तीनों नदियों में एक साथ गूंजता माना जाता है और तीनों लोकों में स्थित पितरों तक पहुँचता है। महा कुंभ मेला प्रयागराज में इसी दिव्य संगम के कारण आयोजित होता रहा है। अपराह्न काल में अरैल घाट या संगम भाटा पर सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध करना वंशज द्वारा किए जाने वाले सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक कर्मों में माना जाता है।
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