संस्कृत में अनाहत का अर्थ क्या है?
अनाहत संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है अघातित या अछूता। यह अनाहत नाद को संदर्भित करता है — हृदय केंद्र पर गहरे ध्यान में सुनी जाने वाली रहस्यमयी अघातित ध्वनि। सामान्य अनुभव में हर ध्वनि दो वस्तुओं के टकराने से उत्पन्न होती है, लेकिन अनाहत नाद ऐसी ध्वनि है जो किसी बाहरी कारण के बिना उत्पन्न होती है। यह अस्तित्व की आदि, स्वयं उत्पन्न ध्वनि है। यह नाम पूर्ण रूप से स्वस्थ और खुले हुए हृदय की प्रकृति की ओर भी संकेत करता है: ऐसा आंतरिक स्थान जो जीवन के कष्टों से स्थायी रूप से बंद नहीं हुआ, और जो प्रेम की अपनी मूल क्षमता में मूलतः अक्षत रहता है।
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