अनाहत चक्र का बीज मंत्र क्या है और उसका उपयोग कैसे करना चाहिए?
अनाहत चक्र का बीज मंत्र यं है — वायु तत्व की बीज ध्वनि और हृदय केंद्र का कंपनात्मक सार। इसका उपयोग करने के लिए आराम से बैठें, दोनों हाथों को हृदय केंद्र पर हृदय मुद्रा में हल्के से रखें। आँखें बंद करें और कुछ गहरी साँसें लेकर छाती को शिथिल करें। हर श्वास छोड़ते समय लंबा अनुनादी यााां-म् जप करें, और कंपन को छाती के पूरे क्षेत्र में फैलता हुआ महसूस करें। प्रतिदिन 21 या 108 repetitions करें। मुख्य बात सच्चा संकल्प है: अभ्यास में उपस्थित हृदय की गुणवत्ता उच्चारण की पूर्णता से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
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