पितृ तर्पण विधि विशेष रूप से क्या है?
पितृ तर्पण विधि, पितृ तर्पण खंड का ही दूसरा नाम है — यह दिवंगत पूर्वजों के लिए विशेष रूप से किया जाने वाला जल अर्पण है, ऋषियों या देवताओं के लिए नहीं। इसे दक्षिण दिशा की ओर मुख करके, यज्ञोपवीत को अपसव्य स्थिति में रखकर, तिल-मिश्रित जल को अंगूठे और तर्जनी के बीच स्थित पितृ तीर्थ से छोड़ा जाता है।
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