गोत्र या पूर्वज की ठीक मृत्यु तिथि जानना आवश्यक है?
यदि आपको अपना गोत्र नहीं पता है, तो पंडित कश्यप गोत्र का प्रयोग करते हैं; यह शास्त्रीय रूप से स्वीकृत सार्वभौमिक विकल्प है। यदि आपको ठीक मृत्यु तिथि नहीं पता है, तो कर्म अमावस्या (न्यू मून दिन) पर या पितृपक्ष के दौरान किया जा सकता है। महालय अमावस्या विशेष रूप से उन पूर्वजों के लिए है जिनकी तिथियाँ अज्ञात हैं।
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