काशी मुक्ति भवन में मृत्यु के बाद शरीर का क्या होता है?
काशी मुक्ति भवन में अतिथि के देह त्यागने के बाद संस्था का स्टाफ परिवार को शरीर मणिकर्णिका घाट ले जाने में सहायता करता है—यह वाराणसी का पवित्र दाह-संस्कार घाट है, जो हजारों वर्षों से निरंतर संचालित माना जाता है। शरीर का दाह-संस्कार मणिकर्णिका की पवित्र अग्नि से पारंपरिक हिंदू विधि में किया जाता है। इसके बाद अस्थियाँ और अस्थि-अवशेष गंगा में अस्थि विसर्जन कर्म के अंतर्गत विसर्जित किए जाते हैं, जिससे जीवन से मुक्ति तक की यात्रा पूर्ण होती है।
क्या यह उपयोगी था?
व्हाट्सऐप पर अगला प्रश्न पूछें