पंचमी तिथि पर दिवंगत पूर्वज के लिए पंचमी श्राद्ध न करने के क्या परिणाम होते हैं?
गरुड़ पुराण के अनुसार, जिन पूर्वजों को उनकी निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं मिलता, वे पितृलोक में भूखे और असंतुष्ट रहते हैं। कहा जाता है कि इससे परिवार में पितृ दोष बनता है — जो पीढ़ियों तक विवाह, करियर और स्वास्थ्य में बार-बार बाधाओं के रूप में प्रकट हो सकता है। निर्धारित उपाय है कि छूटा हुआ श्राद्ध जल्द से जल्द किया जाए, आदर्श रूप से सर्व पितृ अमावस्या पर।
क्या यह उपयोगी था?
व्हाट्सऐप पर अगला प्रश्न पूछें
श्राद्ध कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।