यदि पंचांग में षष्ठी तिथि उसी दिन किसी दूसरी तिथि के साथ पड़े तो क्या करें?
कभी-कभी यदि चंद्र तिथि 24-hour अवधि के भीतर पूरी तरह शुरू और समाप्त हो जाए, तो एक ही कैलेंडर दिन में दो तिथियाँ आ सकती हैं। ऐसे मामलों में जो तिथि कुतुप मुहूर्त (शुभ मध्याह्न अवधि) से मिलती है, उसे श्राद्ध के उद्देश्य से कार्यकारी तिथि माना जाता है। आपके पंडित पंचांग देखकर उसी के अनुसार सलाह देंगे।
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श्राद्ध कराना है?
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