पितृ पक्ष में यात्रा न कर पाने वाले NRI के लिए तीर्थ श्राद्ध का अच्छा समय क्या है?
जो NRI पितृ पक्ष में यात्रा नहीं कर सकते, उनके लिए अगला अच्छा विकल्प माघ की पूर्णिमा (January–February) है, जिसे पुराणों में विस्तारित तपस्या के समान माना गया है। हर मास की अमावस्या भी अत्यंत पुण्यदायी है। यदि किसी भी मौसम में यात्रा करनी हो, तो गया विशेष है, क्योंकि वहाँ किया गया पिंडदान वर्ष के किसी भी दिन समान रूप से प्रभावी माना जाता है।
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श्राद्ध कराना है?
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