कार्तिक पूर्णिमा का पितृपक्ष के पितृ कर्मों से क्या संबंध है?
पितृपक्ष (भाद्रपद का पखवाड़ा) पितृ कर्मों का मुख्य काल है, लेकिन कार्तिक पूर्णिमा में भी पितृ संबंधी एक गौण पर महत्वपूर्ण आयाम है। कार्तिक पूर्णिमा की सुबह पवित्र स्नान के बाद किया गया तर्पण पूर्वजों तक उनके लोक में पहुँचता है। गंगा में प्रवाहित दीपों को पितरों के लिए अर्पण माना जाता है, जो सूक्ष्म जगत में उनके मार्ग को प्रकाशित करते हैं। जो परिवार अपने पितृपक्ष कर्म पूरे नहीं कर सके, वे कार्तिक पूर्णिमा पर सच्चे भाव से तर्पण और दीप दान पूरक पालन के रूप में कर सकते हैं।
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