तुलसी विवाह की कथा क्या है और इस पौधे का विवाह भगवान विष्णु से क्यों होता है?
तुलसी विवाह की उत्पत्ति वृंदा की कथा में है। वृंदा परम भक्त पत्नी थीं, जिन्हें राक्षस जलंधर को पराजित करने के लिए भगवान विष्णु ने वेश बदलकर छल किया। स्वयं को ठगा हुआ अनुभव कर वृंदा ने भगवान को पत्थर (Shaligrama) का रूप लेने का श्राप दिया और स्वयं तुलसी पौधे में परिवर्तित हो गईं। उनकी अद्वितीय भक्ति का सम्मान करने और करुणा से भगवान विष्णु ने घोषणा की कि वे सदैव तुलसी के साथ पूजे जाएँगे, और उनके शाश्वत आध्यात्मिक मिलन के उत्सव के रूप में तुलसी विवाह मनाया जाएगा।
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