हिन्दू त्योहार हर साल अलग तारीखों पर क्यों आते हैं?
हिन्दू त्योहार हर वर्ष अलग Gregorian तिथियों पर आते हैं, क्योंकि वे सौर Gregorian कैलेंडर के बजाय चन्द्र-सौर पंचांग से तय होते हैं। हिन्दू कैलेंडर में 29-30 दिनों के महीने होते हैं, जो चन्द्रमा के चक्र पर आधारित हैं; इसलिए हिन्दू वर्ष लगभग 354 दिनों का होता है — सौर वर्ष से लगभग 11 दिन छोटा। सौर वर्ष से संतुलन बनाने के लिए लगभग हर 32.5 महीनों में एक अतिरिक्त मास जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास (intercalary month या पुरुषोत्तम मास) कहा जाता है। यह समायोजन सुनिश्चित करता है कि दीपावली (कार्तिक अमावस्या), होली (फाल्गुन पूर्णिमा) और पितृपक्ष (आश्विन कृष्ण पक्ष) जैसे त्योहार सही ऋतु में रहें। उदाहरण के लिए, पितृपक्ष हमेशा आश्विन कृष्ण पक्ष में आता है, पर Gregorian तिथियाँ उस वर्ष के चंद्र-चक्र के अनुसार mid-September से mid-October के बीच बदलती हैं। 2026 में पितृपक्ष September 27 से October 11 तक चलेगा। इसी कारण किसी महत्वपूर्ण विधि के सटीक मुहूर्त के लिए योग्य पंडित या ज्योतिषी से सलाह लेनी चाहिए — पंचांग केवल तारीख नहीं, बल्कि शुभ संयोग के ठीक घंटे भी तय करता है। Prayag Pandits किसी भी बुकिंग के साथ सभी पितृ विधियों के लिए मुहूर्त परामर्श निःशुल्क देता है।