कुरुक्षेत्र-पिहोवा में अस्थि विसर्जन का सबसे अच्छा समय कब है?
कुरुक्षेत्र-पिहोवा में अस्थि विसर्जन वर्ष भर किया जा सकता है, पर ये कालखंड विशेष पुण्यदायी माने जाते हैं:
पितृपक्ष (सितंबर–अक्टूबर) — पितृ विधियों का सर्वोच्च 16-दिवसीय काल। इस समय पिहोवा के घाटों पर तीर्थयात्रियों की सबसे अधिक उपस्थिति रहती है।
सूर्य ग्रहण के दिन — सूर्य ग्रहणों से कुरुक्षेत्र का विशेष शास्त्रीय संबंध है। महाभारत कुरुक्षेत्र में ग्रहण के समय किए गए कर्मों को अत्यंत पुण्यदायी बताता है।
सोमवती अमावस्या — सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या सन्निहित सरोवर में पितृ अर्पणों के लिए विशेष शुभ मानी जाती है।
अक्टूबर से मार्च यात्रा के लिए सबसे आरामदायक समय है। हरियाणा की गर्मियों में (अप्रैल–जून) तापमान 45°C से ऊपर जा सकता है।
पिहोवा की सरस्वती में सामान्यतः मानसून के दौरान और उसके बाद (अगस्त–अक्टूबर) सबसे अच्छा दृश्य जलप्रवाह रहता है, जो पितृपक्ष ऋतु से भी जुड़ता है।
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