गढ़ मुक्तेश्वर में पूर्ण श्राद्ध विधि में क्या-क्या शामिल होता है?
श्राद्ध केवल पिंड दान से व्यापक विधि है — यह पूर्ण पितृ संस्कार है। गढ़ मुक्तेश्वर में हमारे पंडित जी के मार्गदर्शन में पूर्ण श्राद्ध विधि में ये अंग शामिल होते हैं:
गंगा स्नान — विधि आरंभ करने से पहले बृज घाट पर गंगा में शुद्धि-स्नान।
संकल्प — जिन पूर्वजों का सम्मान किया जा रहा है, उनके नाम, गोत्र और वंश का औपचारिक उच्चारण (सामान्यतः पिता की ओर की तीन पीढ़ियाँ)।
पिंड दान — पितृगण को प्रतीकात्मक पोषण के रूप में तिल, घी और शहद मिले चावल के पिंड अर्पित करना।
तर्पण — पितृगण की आध्यात्मिक तृप्ति के लिए काले तिल और कुशा मिले जल का अर्पण।
ब्राह्मण भोजन — पितृगण को भोजन कराने के प्रतिनिधि रूप में ब्राह्मणों को भोजन कराना। यही श्राद्ध का मुख्य अंग है, जो इसे केवल पिंड दान से अलग करता है।
दान — जरूरतमंदों को दान, पंडित जी को दक्षिणा, और भोजन या अन्न का वितरण।
पूरी विधि बृज घाट पर 2-3 घंटे में पूरी होती है।
श्राद्ध कराना है?
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