पुरुष उत्तराधिकारी न हो तो बेटी अस्थि विसर्जन कर सकती है?
हाँ। वैदिक परंपरा में ज्येष्ठ पुत्र को अनुष्ठान का मुख्य कर्ता माना जाता है, फिर भी धर्मशास्त्र ग्रंथ सीधे पुरुष उत्तराधिकारी उपलब्ध न होने पर बेटियों, दामादों और अन्य निकट संबंधियों को अस्थि विसर्जन करने की अनुमति देते हैं। Prayag Pandits को बेटियों और बहुओं द्वारा किए गए कर्मों का व्यापक अनुभव है। सबसे महत्वपूर्ण तत्व कर्ता की श्रद्धा और विश्वास है—लिंग नहीं।
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अस्थि विसर्जन कराना है?
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