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गया में श्राद्ध पितृ दोष से पूर्वजों को कैसे मुक्त करता है?

उत्तर दिया Prakhar Porwal ·

गया में किया गया श्राद्ध वैदिक ज्योतिष में पितृ दोष (पैतृक कष्ट) का सबसे शक्तिशाली एकल उपाय माना गया है। वायु पुराण इसकी प्रक्रिया समझाता है: पितृ दोष तब उत्पन्न होता है जब पूर्वज प्रेत अवस्था में फँसे हों या छूटे हुए श्राद्धों, अधूरे कर्म या पिंड दान के अभाव के कारण असंतुष्ट हों। जब गया में सही विधि से श्राद्ध किया जाता है, तब यह क्रम होता है: (1) भगवान विष्णु विष्णुपद चरणचिह्न के माध्यम से अर्पण स्वयं स्वीकार करते हैं, (2) पिंड फल्गु नदी द्वारा पितृ लोक तक पहुँचाए जाते हैं, (3) पूर्वज सीधे पोषण प्राप्त करते हैं और अपनी बँधी हुई अवस्था से मुक्त होते हैं, (4) कर्ता की जन्म कुंडली में पितृ दोष का मूल कारण निष्प्रभावी होता है, (5) वंशजों पर पूर्वजों का जो कर्मऋण है वह प्रतीकात्मक रूप से चुकाया जाता है। इसी कारण कुंडली में पितृ दोष निदान होने पर गया श्राद्ध प्रायः निर्धारित उपाय माना जाता है।

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