पितृ दोष क्या है और कैसे जानें कि यह आपकी कुंडली में है?
पितृ दोष परिवार की वंश-रेखा में असंतुष्ट या अधूरे पूर्वजों के कारण उत्पन्न एक विशिष्ट ज्योतिषीय दोष है। जन्म कुंडली में पितृ दोष की पहचान कुछ संकेतों से की जाती है: (1) सूर्य (पिता/पैतृक वंश का कारक) शनि, राहु या केतु से पीड़ित हो — विशेष रूप से 9वें भाव में, (2) राहु या केतु 9वें भाव (पूर्वज और धर्म का भाव) में स्थित हो, (3) 9वें भाव का स्वामी नीच या अस्त हो, (4) शनि 9वें भाव में हो या उस पर दृष्टि डालता हो, (5) 2nd house (परिवार) या 12th house (हानि) में पाप ग्रह हों। जीवन में इसके लक्षणों में विवाह या संतान में लगातार विलंब, बार-बार आर्थिक रुकावट, पारिवारिक कलह, युवा सदस्यों में लंबे स्वास्थ्य कष्ट, दिवंगत संबंधियों के सपने, और परिवार में चलती आ रही अस्पष्ट दुर्भाग्य-श्रृंखला शामिल हो सकती है। योग्य वैदिक ज्योतिषी आपकी कुंडली से पितृ दोष का निदान कर सकते हैं — और गया श्राद्ध इसका प्रमुख उपाय माना जाता है।