शिव पुराण में बताए गए भगवान शिव के 19 अवतार कौन-से हैं?
शिव पुराण (शतरुद्र संहिता, अध्याय 4) भगवान शिव के 19 प्रमुख अवतारों की सूची देता है, जिनमें प्रत्येक विशिष्ट ब्रह्माण्डीय उद्देश्य से अवतरित हुआ: 1. महाकाल — पहला अवतार, काल और विनाश के अधिपति। 2. तारा — ज्ञान प्रदान करने के लिए प्रकट। 3. भुवनेश्वर — ब्रह्माण्ड के स्वामी। 4. षोडश — 16-मुखी रूप। 5. भैरव — बुराई के विनाश का उग्र रूप। 6. छिन्नमस्तक — आत्म-शीर्षच्छेद रूप, जो वैराग्य का प्रतीक है। 7. धूमवान — धुएँ जैसा रूप। 8. बगलामुखी — शत्रुओं को स्तम्भित करने वाली शक्ति। 9. मातंगी — कला और विद्या प्रदान करने वाली। 10. कमला — धन देने वाली। 11. दुर्वासा — उग्र ऋषि, जिन्होंने शाप और वरदान दोनों दिए। 12. हनुमान — वायु पुत्र और राम भक्त। 13. वृषभ — वृषभ रूप। 14. पिप्पलाद — प्रश्न उपनिषद् की रचना करने वाले ऋषि। 15. वैश्यनाथ — वैश्य जाति की पुनर्स्थापना करने वाले। 16. द्विजेश्वर — द्विजों के स्वामी। 17. हंस — हंस रूप। 18. यतिनाथ — यतियों के स्वामी। 19. कृष्ण दर्शन — कृष्ण के दर्शन कराने वाले। अन्य कम-प्रसिद्ध अवतारों में अश्वत्थामा, शरभ, गृहपति, कंकाल और अन्य शामिल हैं। प्रत्येक अवतार की अपनी कथा, मंत्र और भक्ति-प्रथाएँ हैं।