स्वाधिष्ठान Sacral Chakra अवरुद्ध होने के संकेत क्या हैं?
असंतुलित स्वाधिष्ठान चक्र भावनाओं, सृजनशीलता और संबंधों से जुड़ी बाधाएँ पैदा करता है। शारीरिक संकेत: प्रजनन स्वास्थ्य की समस्याएँ, निचली पीठ का दर्द, मूत्र मार्ग की समस्या, गुर्दे की समस्या, मासिक धर्म की अनियमितता, यौन-कार्य में बाधा, कूल्हों की जकड़न, और निर्जलीकरण से जुड़ी स्थितियाँ। भावनात्मक संकेत: भावनात्मक सुन्नता या भावनात्मक उतार-चढ़ाव (चरम स्थितियों के बीच झूलना), आनंद अनुभव करने पर अपराध-बोध, रचनात्मक अवरोध और प्रेरणा की कमी, निकट संबंध बनाने में कठिनाई, codependency, ईर्ष्या, परिवर्तन का भय, और व्यसनकारी व्यवहार (पदार्थ, भोजन या संबंधों के व्यसन)। अति-सक्रिय होने पर: भावनात्मक नियंत्रण-चाल, अत्यधिक आसक्ति, भोगवादी प्रवृत्ति, और सीमाओं का उल्लंघन। कम-सक्रिय होने पर: भावनाएँ महसूस न कर पाना, रचनात्मक ठहराव, निकटता का भय, कठोरता और परिवर्तन का विरोध। स्वाधिष्ठान का जल तत्व बताता है कि यह जल-आधारित उपचारों पर अच्छा प्रतिसाद देता है: तैरना, गर्म स्नान, नदियों या समुद्र के पास समय बिताना, और पर्याप्त जल पीना। स्वाधिष्ठान के लिए योगासन में बद्ध कोणासन (Butterfly), Goddess Pose और कूल्हे खोलने वाले क्रम शामिल हैं।