यदि पिंड दान नहीं किया जाए तो क्या होता है?
गरुड़ पुराण और वायु पुराण के अनुसार, जिस आत्मा के लिए पिंड दान नहीं किया गया, वह पितृ लोक में भूख और अपूर्णता की स्थिति में रह सकती है। यह परिवार पर पितृ दोष के रूप में प्रकट हो सकता है। अच्छी बात यह है कि पिंड दान कभी भी किया जा सकता है — मृत्यु के वर्षों या दशकों बाद भी। शास्त्रों में इसकी कोई समय सीमा नहीं है। यदि आपके परिवार ने किसी पूर्वज के लिए पिंड दान नहीं किया है, तो कभी देर नहीं होती।
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