तर्पण क्या है और प्रयागराज में यह क्यों महत्वपूर्ण है?
तर्पण वह पवित्र जल-अर्पण संस्कार है जिसमें काले तिल और जौ मिलाए जाते हैं, ताकि देवताओं, ऋषियों और मुख्यतः दिवंगत पितरों को तृप्त किया जा सके। प्रयागराज में इसका विशेष महत्त्व है, क्योंकि यह त्रिवेणी संगम पर किया जाता है, जहाँ गंगा, यमुना और रहस्यमयी सरस्वती का पवित्र संगम है। यह ‘तीर्थराज’ (तीर्थों का राजा) माना जाता है, इसलिए ये अर्पण पितृ-शान्ति और मोक्ष के लिए प्रभावी माने जाते हैं।
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तर्पण कराना है?
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