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काशी गंगा में अस्थि विसर्जन की आध्यात्मिक मान्यता अन्य तीर्थों से अलग क्यों मानी जाती है?

उत्तर दिया Swayam Kesarwani ·

काशी के लिए यह मूल मान्यता भगवान शिव की नगरी और मोक्ष-भूमि होने से जुड़ी है:

  • शिव की कृपा: यहाँ गंगा में विसर्जन करने से भगवान शिव की कृपा सीधे जागृत होती है, ऐसा माना जाता है। मान्यता है कि शिव द्वारा कान में कहा गया तारक मंत्र आत्मा को तुरंत मुक्त करता है और आगे के कर्म-चक्रों या अन्य लोकों की यात्रा से पार कराता है।
  • गंगा की परम शक्ति: गंगा हर स्थान पर पवित्र है, पर काशी में उसकी शक्ति पवित्र भूगोल और शिव की उपस्थिति से और बढ़ी हुई मानी जाती है। वह केवल शुद्ध करने वाली नदी नहीं रहती, बल्कि मुक्ति का सीधा माध्यम बनती है।
  • चक्र से मुक्ति: अन्य स्थानों पर विसर्जन से शांति या उच्च लोक, यानी स्वर्ग, की प्राप्ति मानी जा सकती है। काशी विशेष रूप से मोक्ष पर बल देती है, जो जन्म-मृत्यु के चक्र से अंतिम मुक्ति है। यही वाराणसी में अस्थि विसर्जन सहित अंतिम कर्म करने का विशिष्ट आशय है।

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