प्रयागराज में केश या वेणी अर्पित करने के पीछे कौन-सी कथा मानी जाती है?
एक कथा इसे सावित्री से जोड़ती है, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने पति के जीवन की प्रार्थना करते हुए अपने केश का एक अंश प्रतीक रूप में अर्पित किया। दूसरी मान्यता इस अर्पण के माध्यम से नदी-देवियों गंगा, यमुना और सरस्वती को प्रसन्न करने से जुड़ी है। भगवान वेणी माधव से संबंध भी इसमें महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि वे संगम पर यह संस्कार करने वाले दंपतियों को आशीर्वाद देते हैं। इसका प्रतीक तीन नदी-धाराओं को केश की तीन लटों से जोड़ता है, इसलिए यह अर्पण इस स्थान के लिए विशेष माना जाता है।
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